New City: NCR के इन 80 गांवों की जमीन पर बनेगा नया शहर, अगले महीने से शुरू होगा भूमि अधिग्रहण का काम

New City: NCR (नेशनल कैपिटल रीजन) यानी देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे इलाकों का वो हिस्सा जो अब विकास का दूसरा नाम बन चुका है। दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश हरियाणा और राजस्थान के कई जिले NCR में आते हैं। इस क्षेत्र में लगातार नए शहरों एक्सप्रेसवे (Expressway) मेट्रो कनेक्टिविटी और हाईटेक सुविधाओं की वजह से हर रोज़ कुछ नया देखने को मिलता है।
NCR का नाम आज सिर्फ सरकारी कागजों तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक ऐसा एरिया बन चुका है जहां लोग बसने का सपना देखते हैं जहां हर छोटा-बड़ा बिजनेस (Business) अपनी जड़ें जमाना चाहता है और जहां इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) की रफ्तार थमती नहीं। अब इसी NCR में एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है – ‘नया नोएडा’।
80 गांवों की जमीन पर बनेगा नया शहर
नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) अब एक नए शहर को बसाने की तैयारी में है जिसे ‘नया नोएडा’ (New Noida) के नाम से जाना जाएगा। यह शहर बुलंदशहर और दादरी के करीब 80 गांवों की जमीन पर विकसित किया जाएगा। इस मेगा प्रोजेक्ट (Mega Project) का मकसद है नोएडा के आसपास के क्षेत्रों को एक नई पहचान देना और NCR के विस्तार को और मजबूत करना।
इस महत्वाकांक्षी योजना की ज़िम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण को सौंपी गई है और अधिकारियों के मुताबिक भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) का काम अब अंतिम चरण में है। अगले महीने से जमीन खरीद (Land Purchase) का काम ज़ोरों पर शुरू होगा।
मास्टर प्लान को मिल चुकी है मंजूरी

नोएडा प्राधिकरण ने गांवों से ली जाने वाली जमीन के मुआवजे की दरें तय कर दी हैं। अब किसानों और स्थानीय निवासियों को उनके हिस्से का वाजिब भुगतान किया जाएगा ताकि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2024 में इस परियोजना के लिए मास्टर प्लान-2041 (Master Plan 2041) को मंजूरी दी गई थी। यह प्लान दिल्ली स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) द्वारा तैयार किया गया है। इस मास्टर प्लान के तहत शहर का विकास चार चरणों (Four Phases) में किया जाएगा जिससे नया नोएडा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का एक मजबूत केंद्र बन सके।
प्राधिकरण कर रहा है संवाद
किसी भी परियोजना को सफल बनाने के लिए ज़रूरी होता है कि उसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी हो। यही वजह है कि नोएडा प्राधिकरण किसानों और निवासियों के साथ लगातार बैठकें और संवाद (Meetings & Consultations) कर रहा है।
प्राधिकरण की मंशा है कि किसी की भी जमीन जबरदस्ती न ली जाए और सभी को उचित मुआवजा और पुनर्वास (Compensation & Rehabilitation) की सुविधा मिले। जिन गांवों की जमीन ली जानी है वहां अधिकारियों ने कई बार जाकर लोगों से बात की है और उनके सुझावों के अनुसार मास्टर प्लान में बदलाव भी किए हैं।New City
कितना बड़ा होगा नया शहर?
सूत्रों के मुताबिक ‘नया नोएडा’ की कुल योजना लगभग 21000 हेक्टेयर भूमि पर आधारित है जिसमें से पहले चरण में करीब 5000 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी। इसमें कुछ हिस्सा ग्रीन ज़ोन कुछ रिहायशी और कुछ कमर्शियल (Commercial) के लिए आरक्षित होगा।
इस नए शहर को ऐसे प्लान किया जा रहा है कि आने वाले 20-25 सालों तक इसमें जनसंख्या रोजगार और उद्योगों की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा किया जा सके। ये शहर एक स्मार्ट सिटी (Smart City) मॉडल पर आधारित होगा जहां डिजिटल सुविधाएं और बेहतर लाइफस्टाइल (Lifestyle) उपलब्ध होंगी।
कब से शुरू होगा काम?
नोएडा प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अगले महीने से जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जैसे ही जमीन अधिग्रहण पूरी होगी वैसे ही लेआउट डिजाइनिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर काम शुरू कर दिया जाएगा। पहले चरण की प्लानिंग लगभग पूरी हो चुकी है अब ज़मीनी स्तर पर इसे उतारने की बारी है।













